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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय भाजपा नेता पबुभा माणेक का द्वाारका विधान सभा सीट से निर्वाचन अवैध घोषित करने के गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर 22 अप्रैल को सुनवाई के लिये सोमवार को सहमत हो गया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि पबुभा माणेक की अपील पर अगले सोमवार को विचार किया जायेगा. द्वारका विधान सभा सीट से माणेक के निर्वाचन को कांग्रेस के प्रत्याशी मेरामन भाई गोरिया ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.

उच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल को पबुभा माणेक का निर्वाचन निरस्त कर दिया था. गोरिया ने अपनी चुनाव याचिका में माणेक का निर्वाचन अवैध घोषित करने का अनुरोध करते हुये कहा था कि उनका नामांकन पत्र त्रुटिपूर्ण था और इसमें निर्वाचन क्षेत्र का नाम और संख्या, जो 82-द्वारका है, का उल्लेख नहीं था.

उच्च न्यायालय ने गोरिया की दलील स्वीकार करते हुये माणेक का द्वारका सीट से दिसंबर, 2017 में हुआ निर्वाचन निरस्त कर दिया था. उच्च न्यायालय ने कहा था कि नामांकन पत्र में त्रुटि जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत गंभीर थी.

यद्यपि गोरिया ने स्वंय को माणेक के बाद सबसे अधिक मत प्राप्त करने की वजह से विजयी घोषित करने का अनुरोध किया था परंतु उच्च न्यायालय ने इसे स्वीकार नहीं किया और सात बार से इस सीट का प्रतिनिधत्व कर रहे माणेक का सिर्फ निर्वाचन निरस्त किया था.

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